“कम विद्यार्थियों वाले कॉलेज अब नहीं होंगे बंद, सरकार शुरू करेगी चार वर्षीय बीएड और रोजगारमुखी कोर्स।
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“कम विद्यार्थियों वाले कॉलेज अब नहीं होंगे बंद, सरकार शुरू करेगी चार वर्षीय बीएड और रोजगारमुखी कोर्स।
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो शिमला
हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव…
अब कम विद्यार्थियों वाले डिग्री कॉलेज बंद नहीं होंगे — बल्कि इन्हें नए शैक्षणिक और व्यावसायिक कोर्सों से सशक्त बनाया जाएगा।
राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंगलवार को सचिवालय में विभागीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार अब चार वर्षीय इंटिग्रेटेड बीएड डिग्री सहित कई प्रोफेशनल और व्यावसायिक कोर्स शुरू करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थी जमा दो कक्षा पास करने के बाद सीधे इस चार वर्षीय बीएड कोर्स में दाखिला ले सकेंगे।
इस कदम से न केवल शिक्षण क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे, बल्कि छात्रों को रोज़गार उन्मुख शिक्षा भी मिलेगी।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि
ऐसे सभी कॉलेजों की पहचान की जाए जहाँ विद्यार्थियों की संख्या कम है,
और वहाँ बीएड, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट, पर्यटन,
विदेशी भाषा और इंग्लिश स्पीकिंग जैसे उपयोगी कोर्स शुरू किए जा सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि कोर्स का सिलेबस मार्केट और उद्योग जगत की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए,
ताकि हर डिग्री के साथ छात्रों को व्यावसायिक कौशल भी मिल सके।
विभाग के अनुसार, प्रदेश में इस समय पाँच कॉलेज ऐसे हैं जहाँ विद्यार्थियों की संख्या 40 से भी कम है,
जबकि 16 कॉलेजों में सौ से कम विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
शिमला जिले के राजकीय महाविद्यालय टिक्कर में मात्र 6 छात्र हैं,
जबकि चंबा जिले के भलेई कॉलेज में 19 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
बैठक में शिक्षा विभाग के विशेष सचिव शुभकरण शर्मा,
निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली,
और एसएसए के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नई नीति के साथ हिमाचल सरकार का लक्ष्य है —
हर कॉलेज को शिक्षा और कौशल विकास का केंद्र बनाना,
ताकि प्रदेश के युवा हों और अधिक शिक्षित, प्रशिक्षित और आत्मनिर्भर।
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