आईएसएफ U-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारत का शानदार प्रदर्शन बालक टीम ने जीता कांस्य, बालिका टीम विश्व में रही सातवें स्थान पर.
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आईएसएफ U-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारत का शानदार प्रदर्शन
बालक टीम ने जीता कांस्य, बालिका टीम विश्व में रही सातवें स्थान पर.
- गिरिश ठाकुर
शिमला: शांगलुओ (चीन) में आयोजित आईएसएफ U-15 वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप 2025 में भारतीय टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया।
भारतीय बालक टीम ने ब्रॉन्ज़ मेडल मुकाबले में ब्राज़ील को 25–23, 25–13 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं, बालिका टीम ने विश्व स्तर पर शानदार खेल दिखाते हुए सातवाँ स्थान प्राप्त किया।
इस उपलब्धि की जानकारी एडीपीओ (HQ) एवं अंतर्राष्ट्रीय वॉलीबॉल रेफरी संतोष चौहान ने दी। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर निवासी शबद गौतम ने लिबेरो के रूप में बेहतरीन भूमिका निभाई। बालिका वर्ग में जुब्बल स्थित ठाकुर राम लाल स्पोर्ट्स हॉस्टल की तीन खिलाड़ी—ख्याति, रिया और प्रीति—ने इंडिया टीम का प्रतिनिधित्व कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने स्पोर्ट्स हॉस्टल जुब्बल के इंचार्ज बलवंत (Jhota) तथा कोच श्री जितेंद्र Dhaulta की सराहना की।
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि हिमाचल जैसे छोटे राज्य से चार खिलाड़ी और एक रेफरी का विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करना राज्य के खेल इतिहास में मील का पत्थर है।
उन्होंने एसजीएफआई के वरिष्ठ अधिकारियों—सीईओ पार्थ सुरेश दोषी, मुखतेज सिंह वादेशा, तथा विश्वमय व्यास—द्वारा खिलाड़ियों को दी गई प्रेरणा का भी उल्लेख किया।
दोनों टीमों को शुभकामनाएँ देते हुए श्री कोहली ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपने दमदार खेल से देश और हिमाचल प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर चमकाया है।
एसजीएफआई के महासचिव डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि 1972 के बाद पहली बार स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बालक व बालिका दोनों टीमों को वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भेजा है और दोनों ही टीमों ने टॉप-8 में जगह बनाकर देश का मान बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि SGFI भविष्य में भी भारतीय स्कूल खिलाड़ियों को वर्ल्ड एवं एशियाई चैंपियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भेजने के लिए संकल्पित है, ताकि छात्रों को विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिल सकें।
भारत की इस उपलब्धि ने न केवल पदक तालिका में चमक भरी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा दी है। 🇮🇳
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