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हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला, 10वीं से 12वीं तक बदलेगा परीक्षा पैटर्न, लागू होगा ये सिस्टम।

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हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला, 10वीं से 12वीं तक बदलेगा परीक्षा पैटर्न, लागू होगा ये सिस्टम।

 

कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेश के सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए बड़ा निर्णय लिया है. आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में FA (Formative Assessment) सिस्टम लागू किया जाएगा. बोर्ड का मानना है कि इससे शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और छात्रों को नियमित तैयारी का अवसर मिलेगा.

FA-I, FA-II और प्री-बोर्ड की शुरुआत

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत छात्रों के लिए FA-I, FA-II और प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी. इन परीक्षाओं का उद्देश्य केवल आंतरिक मूल्यांकन नहीं, बल्कि छात्रों को बोर्ड और भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है. इससे विद्यार्थियों को साल भर अपनी तैयारी का आकलन करने का मौका मिलेगा.

छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करने के लिए 10वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रम का चरणबद्ध विभाजन (बिफरकेशन) किया गया है. इसका मतलब है कि पूरे साल का सिलेबस अलग-अलग चरणों में पढ़ाया और आंका जाएगा. इससे छात्रों को एक साथ ज्यादा पाठ्यक्रम का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा. नई व्यवस्था को सही तरीके से लागू करने के लिए 13 फरवरी 2026 को बोर्ड मुख्यालय धर्मशाला में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई. इसमें विषय विशेषज्ञों और विद्यालय प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यशाला में पाठ्यक्रम के विभाजन और उसे और अधिक व्यावहारिक बनाने पर चर्चा की गई.सुझावों के आधार पर इसे और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

पारदर्शिता और समान अवसर पर जोर

डॉ. शर्मा ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा लेना नहीं है, बल्कि शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी और संतुलित बनाना है. पाठ्यक्रम के विभाजन से छात्रों को समय पर तैयारी करने में मदद मिलेगी. बोर्ड का लक्ष्य है कि हिमाचल के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करें. यह फैसला प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.

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