चौपाल की बेटी आरिका चौहान ने रचा इतिहास: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित रामजस कॉलेज में मिला राजनीति विज्ञान ऑनर्स में दाखिला।
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चौपाल की बेटी आरिका चौहान ने रचा इतिहास: दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित रामजस कॉलेज में मिला राजनीति विज्ञान ऑनर्स में दाखिला।
न्यूज़ टुडे हिमाचल बियूरो चौपाल:
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की तहसील चौपाल गाँव शन्ठा ग्राम-पंचायत देवत की एक होनहार छात्रा आरिका चौहान ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नर्सरी से लेकर 12वीं तक लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल, शिमला से शिक्षा प्राप्त करने वाली इस मेधावी छात्रा आरिका चौहान ने 2025 में 12वीं कक्षा में मानविकी संकाय (Faculty of Humanities) से तृतीय स्थान हासिल किया। वह न केवल 12वीं में, बल्कि 10वीं कक्षा में भी टॉपर्स में शामिल रही थीं।
छात्रा की उपलब्धियों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। हाल ही में आयोजित सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET-UG)परीक्षा, जिसे एनटीए इंडियन द्वारा आयोजित किया गया था, उसमें उन्होंने 1000 में से 895 अंक हासिल किए। इस परीक्षा में 10,71,735 उम्मीदवारों ने भाग लिया था, जिसमें से इस छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन से दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर स्थित देश के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में से एक रामजस कॉलेज में राजनीति विज्ञान ऑनर्स में प्रवेश प्राप्त किया। यह विषय और कॉलेज दोनों ही हर साल सर्वाधिक मेरिट वाले छात्रों की पहली पसंद रहते हैं।
यह उल्लेखनीय है कि यह चोपाल क्षेत्र की पहली छात्रा हैं जिन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस स्तर पर दाखिला मिला है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बनी है।
अकादमिक स्तर पर इनकी निपुणता का एक और उदाहरण यह है कि 12वीं कक्षा में उन्होंने मनोविज्ञान विषय में पूरे 100 अंक प्राप्त किए, साथ ही CUET की मनोविज्ञान विषय की परीक्षा में भी 250 में से 250 अंक अर्जित किए। यह प्रदर्शन उनके विषय पर गहरी पकड़ और समर्पण को दर्शाता है।
उनकी सफलता में परिवार का विशेष योगदान रहा है। उनकी बड़ी बहन भी इसी स्कूल की छात्रा रही हैं और उन्होंने भी 10वीं और 12वीं कक्षा में मेरिट स्थान प्राप्त किया था। वर्तमान में वह रामा मेडिकल कॉलेज, दिल्ली में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। छात्रा की माता जी अनीता चौहान एक शिक्षाविद हैं और ठियोग सरकारी कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग की वरिष्ठ एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और पिता रविंदर चौहान सरकारी कॉलेज चौपाल में प्रधानाचार्य है |
यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि चोपाल जैसे ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए एक मिसाल है कि अगर मेहनत, लगन और मार्गदर्शन सही हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। छात्रा आरिका चौहान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय के सहयोग को दिया है और आगे चलकर न्यायिक सेवाओं या सिविल सेवा में योगदान देने की इच्छा जताई है। उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ चोपाल क्षेत्र इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रहा है।
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