पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा प्रहार, परीक्षा माफिया पर और कसेगा शिकंजा: अनुराग ठाकुर
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पेपर लीक पर मोदी सरकार का बड़ा प्रहार, परीक्षा माफिया पर और कसेगा शिकंजा: अनुराग ठाकुर
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो | नई दिल्ली
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि पेपर लीक और संगठित नकल देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने इसे आतंकवाद और नक्सलवाद जितना गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि मोदी सरकार परीक्षा माफिया को भी उसी सख्ती से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2024 में लागू किए गए कानून को संशोधित कर अब और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। नए संशोधन में दोषियों के लिए कड़ी सजा, समयबद्ध जांच और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के साथ-साथ उनके वरिष्ठ प्रबंधन की भी जवाबदेही तय करने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार केवल समस्याओं पर चर्चा नहीं करती, बल्कि उनका समाधान भी करती है। उनके अनुसार, यह कानून करोड़ों छात्रों की मेहनत और भविष्य की रक्षा के लिए बनाया गया है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि छह दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने पेपर लीक रोकने के लिए कोई प्रभावी केंद्रीय कानून नहीं बनाया। उन्होंने दावा किया कि देश का पहला एंटी-चीटिंग कानून वर्ष 2024 में मोदी सरकार लेकर आई और अब उसे और अधिक कठोर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारत को वैश्विक ज्ञान शक्ति बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। आईआईटी, आईआईएम, एम्स और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि भी इसी सोच का परिणाम है।
अनुराग ठाकुर ने विपक्ष से छात्र हित में राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जब विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर हो, तब कानून को मजबूत करने में सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने विभिन्न राज्यों में सामने आए पेपर लीक और भर्ती घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषी का राजनीतिक दल नहीं, बल्कि उसका अपराध देखा जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान राज्य में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए तथा पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया। उन्होंने विश्वास जताया कि नया संशोधित कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाएगा और युवाओं का विश्वास मजबूत करेगा।
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