मोदी सरकार ने लाहौल-स्पीति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा, हजारों करोड़ की परियोजनाओं से बदली क्षेत्र की तस्वीर: श्रीकांत शर्मा
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मोदी सरकार ने लाहौल-स्पीति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा, हजारों करोड़ की परियोजनाओं से बदली क्षेत्र की तस्वीर: श्रीकांत शर्मा
अटल टनल से लेकर सड़क और सीमावर्ती गांवों के विकास तक केंद्र सरकार ने दी नई गति, नशा तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की उठाई मांग
न्यूज टुडे हिमाचल | 23 अक्टूबर
लाहौल-स्पीति। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए यहां सड़क संपर्क, पर्यटन, रोजगार और सामरिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
स्पीति मंडल की संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते हुए श्रीकांत शर्मा ने अटल टनल रोहतांग को केंद्र सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 3,200 करोड़ रुपये की लागत से बनी 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल को वर्ष 2020 में राष्ट्र को समर्पित किया गया था। इस सुरंग के निर्माण से मनाली-लेह मार्ग की दूरी लगभग 46 किलोमीटर कम हुई है और यात्रा के समय में चार से पांच घंटे तक की बचत संभव हुई है। इससे लाहौल घाटी के लोगों को वर्षभर बेहतर आवागमन की सुविधा मिली है और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिला है।
उन्होंने कहा कि लगभग 1,400 करोड़ रुपये की सुमदो-काजा-ग्राम्फू सड़क चौड़ीकरण परियोजना स्पीति क्षेत्र के विकास और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगी। सीमा सड़क संगठन के माध्यम से इस रणनीतिक मार्ग को बेहतर बनाने की योजना से क्षेत्र में संपर्क सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
श्रीकांत शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत स्पीति क्षेत्र के 20 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में सड़क, संचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों का विकास देश की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय आबादी के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए 2,247 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 294 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें लाहौल-स्पीति की दो सड़कें भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को आवश्यक सुविधाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नशा तस्करी पर कठोर कार्रवाई की मांग
बैठक के दौरान श्रीकांत शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में नशे और चिट्टे के बढ़ते कारोबार पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि नशे के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सरकारों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने नशे के कारोबार को संरक्षण देने वाले तत्वों पर भी कठोर कार्रवाई की मांग की। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और समाज की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौती है। नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए तस्करों के साथ-साथ उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
घर-घर पहुंचाएं केंद्र सरकार की उपलब्धियां
श्रीकांत शर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से केंद्र सरकार की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति का विकास, युवाओं का सुरक्षित भविष्य और सीमावर्ती गांवों की समृद्धि भाजपा की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और क्षेत्र की विकास यात्रा को गति देने के लिए संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
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